Gurugram Police ने 43 साइबर ठग दबोचे, देशभर में 159 करोड़ की ठगी का बड़ा खुलासा
गिरफ्तार आरोपियों से बरामद मोबाइल और सिम कार्ड्स का जब I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre) के माध्यम से विश्लेषण किया गया, तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए:

Gurugram Police : साइबर सिटी गुरुग्राम की पुलिस ने देश के अब तक के सबसे बड़े संगठित साइबर क्राइम नेटवर्क में से एक का भंडाफोड़ किया है। पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा (IPS) के मार्गदर्शन में की गई इस बड़ी कार्रवाई में 43 साइबर अपराधियों को दबोचा गया है। जाँच में सामने आया है कि इन ठगों का जाल पूरे भारत में फैला था और इन्होंने 159 करोड़ 73 लाख रुपये से अधिक की चपत लगाई है।
गिरफ्तार आरोपियों से बरामद मोबाइल और सिम कार्ड्स का जब I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre) के माध्यम से विश्लेषण किया गया, तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए:
कुल शिकायतें: 20,099 से अधिक (पूरे भारत में)
कुल दर्ज केस (FIR): 599
ठगी की कुल राशि: ₹159,73,00,000 (लगभग 160 करोड़)
हरियाणा में केस: 44 (जिसमें से 13 अकेले गुरुग्राम में हैं)
इन तरीकों से बनाते थे शिकार
सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) साइबर अपराध, प्रियांशु दिवान के नेतृत्व में की गई इस जाँच में पता चला कि यह गिरोह आधुनिक तरीकों से लोगों को ठगता था:
डिजिटल अरेस्ट: CBI या पुलिस बनकर डराना।
इन्वेस्टमेंट फ्रॉड: निवेश के नाम पर मोटा मुनाफा देने का लालच।
सेक्स्टॉर्शन (Sextortion): वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेल करना।
इंस्टाग्राम और क्रेडिट कार्ड फ्रॉड।
पुलिस ने इन ठगों के पास से 22 मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड, बैंक पासबुक, चेक बुक, डेबिट कार्ड और बैंक ऑफ बड़ौदा की फर्जी मुहर (Stamp) बरामद की है। यह गैंग फर्जी खातों के जरिए ठगी की रकम को इधर-उधर करता था।
गुरुग्राम पुलिस की जनता से अपील
पुलिस आयुक्त ने नागरिकों को आगाह किया है कि “डिजिटल अरेस्ट” जैसा कोई कानूनी शब्द नहीं है। कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर आपको गिरफ्तार नहीं करती। किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की जानकारी तुरंत नेशनल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।








